मुंगेली। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिला क्षय एवं कुष्ठ उन्मूलन केंद्र द्वारा विकासखंड लोरमी के दूरस्थ बैगा ग्राम दानवखार में जनजागरूकता एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना, टीबी एवं कुष्ठ रोग की समय पर पहचान सुनिश्चित करना तथा ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना रहा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि शिविर में कुल 60 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान 5 संदिग्ध टीबी मरीज, 3 उच्च रक्तचाप (बीपी), 5 शुगर, 8 कमजोरी, 6 खुजली, 4 दाद, 12 सर्दी-खांसी, 5 बुखार, 2 आंख संबंधी समस्या, 4 हाथ-पैर दर्द तथा अन्य 6 मरीजों की पहचान की गई।
संदिग्ध टीबी मरीजों के बलगम के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि पुष्टि होने पर समय पर उपचार शुरू किया जा सके।
जिला क्षय एवं कुष्ठ उन्मूलन अधिकारी डॉ. सुदेश रात्रे ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाइयों का वितरण किया और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया। उन्होंने टीबी एवं कुष्ठ रोग के लक्षण, बचाव, समय पर जांच और नियमित उपचार के महत्व की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को जागरूकता पाम्पलेट भी वितरित किए।
शिविर के दौरान ग्राम की मितानिनों को भी टीबी एवं कुष्ठ रोग की पहचान, संदिग्ध मरीजों के चिन्हांकन तथा जांच एवं बचाव संबंधी प्रशिक्षण दिया गया, ताकि गांव स्तर पर रोगों की शीघ्र पहचान कर मरीजों को उपचार से जोड़ा जा सके।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम समन्वयक अमिताभ तिवारी, डीपीपीएमसी अमित सिंह, सुपरवाइजर मणिराज पैकरा, आरएचओ संजू भास्कर सहित मितानिनों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जिले के दूरस्थ और विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में इस प्रकार के शिविर आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, जिससे लोगों को उनके गांव में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

