मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर महंगाई भत्ता, कैशलेस इलाज, नियमितीकरण समेत कई मांगें उठाईं
मुंगेली। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, कृषि विस्तार अधिकारी संघ एवं छात्रावास अधीक्षक संघ के संयुक्त नेतृत्व में कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन मुंगेली के वरिष्ठ विधायक पून्नूलाल मोहले को सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों से जुड़े छह प्रमुख मुद्दों पर शीघ्र निर्णय लेकर आवश्यक आदेश जारी करने की मांग की।
ज्ञापन में कर्मचारियों ने मांग की कि 1 जनवरी से लंबित महंगाई भत्ता तत्काल स्वीकृत कर कर्मचारियों को उसका लाभ दिया जाए। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा पिछले बजट में घोषित कैशलेस चिकित्सा सुविधा को जल्द लागू करते हुए संबंधित आदेश जारी किए जाएं, ताकि कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
कर्मचारी संगठनों ने मध्यप्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी 240 दिनों के स्थान पर 300 दिनों का अर्जित अवकाश नगदीकरण (लीव एनकैशमेंट) लागू करने की मांग की। इसके अलावा संविदा, दैनिक वेतनभोगी एवं अनियमित कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियमित करने तथा मध्यप्रदेश की तरह कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग रखी गई।
ज्ञापन में शिक्षक एलबी संवर्ग के कर्मचारियों की सेवा की गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से किए जाने तथा अनुकंपा नियुक्ति में लागू 10 प्रतिशत की सीमा समाप्त करने की मांग भी प्रमुखता से शामिल रही।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के संरक्षक अवधेश शुक्ला, जिला अध्यक्ष बिन्दु भास्कर, के.के. वर्मा, फूलचंद यादव, भोलाचंद ध्रुव, जवाहर डेढ़सेना, रामराज साहू, अरविंद शर्मा, पी.एल. दिवाकर, जे.पी. साहू, डी.एल. भास्कर सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने विधायक पून्नूलाल मोहले से आग्रह किया कि कर्मचारियों की इन मांगों को राज्य सरकार के समक्ष गंभीरता से रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय कराने का प्रयास करें।

