मुंगेली। ग्राम सेमरकोना निवासी देवेंद्र कुमार और उनके परिवार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत आवास निर्माण, निजी भूमि के सीमांकन तथा राजस्व विवाद के समाधान की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया। परिवार का दावा है कि कई महीनों से जनदर्शन, कलेक्टर कार्यालय और राजस्व अधिकारियों के समक्ष लगातार आवेदन देने, कई बार जांच और सीमांकन होने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। प्रशासन से लिखित आश्वासन मिलने के बाद फिलहाल धरना समाप्त कर दिया गया है।परिवार के अनुसार, उन्होंने 7 जुलाई 2026 को कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन देकर स्पष्ट रूप से धरना प्रदर्शन की पूर्व सूचना दी थी। आवेदन में कहा गया था कि यदि अलग से अनुमति जारी नहीं की जाती है तो उसी आवेदन को शांतिपूर्ण धरने की सूचना माना जाए। उनका कहना है कि इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।कई बार आवेदन, फिर भी समाधान नहीं मिलने का दावादेवेंद्र कुमार का कहना है कि इससे पहले 12 जून 2026 को भी उन्होंने कलेक्टर के नाम विस्तृत आवेदन देकर जिला स्तरीय सीमांकन, स्पष्ट चिन्हांकन, स्थगन आदेश हटाने और प्रधानमंत्री आवास निर्माण शुरू कराने की मांग की थी। उनका आरोप है कि लंबे समय तक इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया।बार-बार स्टे से रुका आवास निर्माणपरिवार के अनुसार, विवाद ग्राम बेलसरी स्थित उनकी निजी भूमि पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जा रहे मकान से जुड़ा है। उनका कहना है कि 29 जनवरी 2026 को निर्माण पर पहला स्थगन आदेश जारी हुआ, जिससे करीब चार महीने तक निर्माण कार्य बंद रहा। 4 जून को रोक हटने के बाद निर्माण शुरू होने की उम्मीद बनी, लेकिन 8 जून को फिर से स्थगन आदेश जारी कर दिया गया।परिवार का आरोप है कि लगातार निर्माण रुकने से बरसात में निर्माण सामग्री खराब हो रही है। उनका दावा है कि लगभग 50 बोरी सीमेंट खराब हो चुकी है तथा अन्य सामग्री को भी नुकसान पहुंचा है।10 निरीक्षण, तीन सीमांकन, फिर भी विवाद बरकरारदेवेंद्र कुमार के मुताबिक मामले में अब तक लगभग 10 बार राजस्व अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जा चुका है तथा तीन बार सीमांकन कराया गया है। इसके बावजूद 13 डिसमिल निजी भूमि का अंतिम और स्पष्ट चिन्हांकन नहीं किया गया। उनका कहना है कि वर्तमान स्थगन आदेश में केवल इतना उल्लेख है कि निर्माण का कुछ हिस्सा शासकीय और कुछ हिस्सा निजी भूमि पर है, लेकिन विवादित हिस्से का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है।धरना स्थल पहुंचे अधिकारी, 13 जुलाई को कार्रवाई का आश्वासनधरना प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिवार के अनुसार, एसडीएम अजय कुमार शतरंज ने जिला स्तरीय सीमांकन कराने संबंधी आदेश की प्रति सौंपी और बताया कि 13 जुलाई को जिला स्तरीय टीम गठित कर सीमांकन एवं आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस लिखित आश्वासन के बाद परिवार ने अपना धरना समाप्त कर दिया।कांग्रेस नेता ने दिया समर्थनधरना स्थल पर कांग्रेस नेता संजीत बनर्जी भी पहुंचे और प्रदर्शनकारी परिवार का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यदि एक परिवार को अपनी निजी भूमि के सीमांकन और प्रधानमंत्री आवास निर्माण जैसे मामले में धरना देने की नौबत आती है तो यह चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि समय पर समाधान नहीं हुआ तो वे परिवार के साथ भूख हड़ताल पर भी बैठेंगे।राजनीतिक चर्चा का विषय बना मामलामामला केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और उपमुख्यमंत्री अरुण साव के गृह जिले मुंगेली से जुड़ा होने के कारण स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े एक मामले का समयबद्ध समाधान क्यों नहीं हो सका।परिवार ने रखीं ये प्रमुख मांगेंधरना समाप्त करने के बाद भी परिवार ने अपनी मांगें दोहराते हुए कहा कि जिला स्तरीय टीम द्वारा निष्पक्ष सीमांकन कराया जाए, 13 डिसमिल निजी भूमि का विधिवत चिन्हांकन और कब्जा सुनिश्चित किया जाए, विवादित हिस्से की स्पष्ट पहचान की जाए तथा स्थगन आदेश की समीक्षा कर प्रधानमंत्री आवास निर्माण दोबारा शुरू कराया जाए। परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि पांच दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेंगे।अब पूरे मामले में 13 जुलाई को प्रस्तावित जिला स्तरीय सीमांकन कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। यदि प्रशासन के आश्वासन के अनुरूप कार्रवाई होती है तो लंबे समय से चला आ रहा विवाद समाप्त हो सकता है, अन्यथा मामला आगे भी प्रशासनिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बना रह सकता है।

